Kitchen Expert Corner का सफर .....मेरे बारे में।
नमस्कार दोस्तों!मुझे बचपन से ही खाना बनाने का एक अलग ही शौक था। सिर्फ खाना बनाना ही नहीं, बल्कि यह समझना कि खाना स्वादिष्ट कैसे बनता है और दूसरे लोग इतना अच्छा खाना कैसे बना लेते हैं—यह सब जानने की गहरी जिज्ञासा मुझमें हमेशा रहती थी। इसी उत्सुकता और उत्साह के साथ मैं बड़ी हो रही थी, और साथ में मेरी पढ़ाई भी चल रही थी।उस समय मेरे हाथ की बनी चीजें मेरे पापा, भाई-बहन और परिवार के सभी लोगों को बहुत ही ज्यादा पसंद आती थीं। जब घर पर मेरे कजिन्स, चाचा, मामा, मौसा या अन्य रिश्तेदार आते, तो वे प्रोत्साहित करते थे । अपनों से मिली वही तारीफ मेरे उत्साह को और बढ़ा देती थी।
फिर मेरी शादी हुई और जिंदगी में नई जिम्मेदारियां आईं। मेरे पति भी खाने के बहुत शौकीन हैं। ससुराल में भी सभी लोग बहुत और अच्छे मिले। खाने को कैसे सलीके से पेश करना है, सही तरीके से मैनेज करना है—यह सब चीजें मैंने ससुराल आकर भी सीखीं और अपने मायके से भी बहुत कुछ सीखा। शादी के बाद जिंदगी मुझे अलग-अलग शहरों में लेकर चलती गई, और मैंने हार नहीं मानी बल्कि हर शहर के खान-पान से कुछ ना कुछ नया और बेहतर सीखती ही चली गई।अब शौक से आगे बढ़कर रोज़ का खाना बनाने की चुनौती सामने थी। रोज़ का सादा खाना कैसे बेहतरीन बने, घर में कुछ खास और अच्छा कैसे पकाया जाए, और जब घर पर ज़्यादा मेहमान आ जाएं तो बिना घबराए सबके लिए परफेक्ट खाना कैसे तैयार हो—
यह सब सीखते-सीखते, अनुभव लेते-लेते कब 18 साल बीत गए, पता ही नहीं चला!इस 18 साल के सफर के दौरान मेरे दो बच्चे हुए। मेरे बच्चे बाहर का या बाज़ार का खाना बिल्कुल पसंद नहीं करते थे। इसलिए मैंने बाज़ार में मिलने वाली बहुत सी चीज़ों को घर पर ही शुद्ध तरीके से बनाने की कोशिश शुरू की। शुरुआत में बच्चों को घर के बने खाने की आदत डालना एक चुनौती थी, लेकिन इसी कोशिश में मैंने दर्जनों नई चीज़ें घर पर ही बनाना सीख लिया। धीरे-धीरे वे चीज़ें हमारे रूटीन का हिस्सा बन गईं और अब वे हमारे किचन की पहचान बन चुकी हैं।
ब्लॉग और रेसिपी शेयर करने की कहानी भी बड़ी दिलचस्प है..
.जब लॉकडाउन आया, तो हर कोई एक अनजाने डर में जी रहा था। मेरे बच्चे तब बहुत छोटे थे। उस समय मेरे मन में एक डर आया कि 'अगर कल को मुझे कुछ हो गया, तो मेरे बच्चों को खाना बनाना कौन सिखाएगा? उन्हें मेरी हाथ की रेसिपीज़ कैसे मिलेंगी?' तब मुझे समझ आया कि लोग यूट्यूब से सीखते हैं। मैंने सोचा क्यों न मैं अपनी रेसिपीज़ यूट्यूब पर अपलोड कर दूँ ताकि वे हमेशा के लिए सुरक्षित रहें। ईश्वर की कृपा से जिंदगी बच गई, लॉकडाउन भी निकल गया, लेकिन वे रेसिपीज़ इंटरनेट पर हमेशा के लिए दर्ज हो गईं।
मेरी किचन फिलॉसफी (Kitchen Philosophy):अक्सर लोग खाना बनाने को सिर्फ 'पाक कला' कहते हैं, लेकिन मेरे हिसाब से पाक कला एक विज्ञान (Science) है। हमें खाने को एक साइंस के रूप में समझना चाहिए—जैसे कौन सा मसाला कब डालना है, आँच कितनी होनी चाहिए और किस चीज़ का शरीर पर क्या असर होता है।मेरा लक्ष्य बहुत सीधा है: किचन में मौजूद कम से कम और बेसिक सामान से हम सबसे बेहतर और स्वादिष्ट खाना कैसे बना सकते हैं, यही मैं आपको इस ब्लॉग के ज़रिए सिखाना चाहती हूँ।
📢 एक छोटी सी बात आपके साथ:अभी इस ब्लॉग पर मैंने नई रेसिपीज़ डालना शुरू नहीं किया है और वेबसाइट को पूरी तरह तैयार कर रही हूँ। बहुत जल्द ही मैं अपनी सारी बेहतरीन और सीक्रेट रेसिपीज़ यहाँ शेयर करने वाली हूँ। तब तक के लिए आप इस वेबसाइट को फॉलो कर लें और समय-समय पर यहाँ विज़िट (visit) करते रहें ताकि मेरी पहली रेसिपी आते ही आपको तुरंत मिल जाए! हमसे जुड़े रहने के लिए आपका बहुत-बहुत धन्यवाद।
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